---Advertisement---

यूपी में साइबर फ्रॉड में वृद्धि, डीजीपी राजीव कृष्ण ने दी जानकारी, जानिए क्यों तेजी से बढ़ रहा है ये अपराध

On: Friday, January 2, 2026 11:49 PM
cyber-crime-meeting DGP
---Advertisement---

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में साइबर अपराध अब सबसे बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। उत्तर प्रदेश के डीजीपी राजीव कृष्ण ने प्रदेश में बढ़ते साइबर अपराध को लेकर लोगों को सतर्क किया है। उन्होंने बताया कि राज्य में कुल अपराधों में लोगों ने जितनी रकम गंवाई, उससे तीन गुना से ज्यादा पैसा लोगों ने साइबर फ्रॉड में गंवा दिया।

डीजीपी राजीव कृष्ण ने कहा कि पुलिस के पास खतरनाक अपराधियों से निपटने की रणनीति अलग है और साइबर अपराध से निपटने की रणनीति अलग। उत्तर प्रदेश पुलिस दोनों के तरह के अपराधियों पर लगाम लगाने में  काफी हद तक सफल रही है। राजीव कृष्ण ने जानकारी देते हुये बताया कि आमलोग लालच, लत और डर के कारण साइबर ठगी का शिकार हो रहे हैं। कम समय में पैसा दोगुना या ज्यादा कमाने का झांसा देकर लोग साइबर अपराधियों द्वारा आसानी से ठग लिए जाते हैं। आंकड़ों के मुताबिक 50 वर्ष से अधिक उम्र के लोग और पेंशनर्स साइबर धोखाधड़ी के सबसे ज्यादा शिकार हो रहे हैं।

हर थाने में साइबर हेल्प डेस्क की व्यवस्था

डीजीपी के मुताबिक प्रदेश में साइबर अपराध से निपटने के लिए बड़े स्तर पर इंतजाम किए गए हैं। प्रदेश में कुल 1581 थाने हैं और हर थाने पर साइबर फ्रॉड से निपटने के लिए  साइबर हेल्प डेस्क बनाई गई है। इसके अलावा प्रत्येक जिले में एक साइबर थाना भी काम कर रहा है। थानों के साइबर हेल्प डेस्क पर नियुक्त पदाधिकारी लोगों के बीच जाकर साइबर अपराध और इससे बचाव के तरीकों के बारे में जानकारी दे रहे हैं।  

डीजीपी राजीव कृष्ण ने बताया कि साइबर अपराध से निपटने के लिए अब तक 65 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा चुका है। कई बैठकों और सम्मेलनों के जरिए अफसरों और पुलिसकर्मियों को साइबर क्राइम के प्रति जागरूक और सक्षम बनाया गया है। अब उत्तर प्रदेश पुलिस साइबर अपराध से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।

साइबर अपराध की सबसे बड़ी वजह बना लालच

डीजीपी राजीव कृष्ण ने बताया कि साइबर अपराधी लोगों को शारीरिक नुकसान नहीं पहुंचाते, बल्कि मनोवैज्ञानिक तरीके से उन्हें फंसाते हैं। आंकड़ों के अनुसार करीब 72 प्रतिशत साइबर अपराध सिर्फ लालच के कारण होते हैं।

साइबर अपराध को लेकर लोगों को सतर्क करने के लिए अब तक एक लाख से अधिक जागरूकता बैठकों का आयोजन किया जा चुका है। इसके अलावा विभिन्न शॉर्ट फिल्मों के जरिए भी आम जनता को साइबर ठगी से बचने के संबंध में जागरूक किया जा रहा हैं।

डीजीपी के मुताबिक, जागरूकता ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे मजबूत तरीका है। पुलिस, सीबीआई, प्रवर्तन निदेशालय या इनकम टैक्स जैसी कोई भी सरकारी एजेंसी कभी भी डिजिटल अरेस्ट करके ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करने के लिए नहीं कहती।

ठगी होने पर तुरंत 1930 पर करें कॉल

पुलिस महानिदेशक ने बताया कि अगर कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार होता है, तो उसे तुरंत 1930 नंबर पर कॉल कर जानकारी देनी चाहिए। इस नंबर पर शिकायत करने के बाद ठगी की रकम को फ्रीज कराने की प्रक्रिया शुरू हो जाती है। उन्होंने बताया कि एक साल पहले तक केवल 9 प्रतिशत ठगी की रकम ही फ्रीज हो पाती थी, लेकिन अब यह आंकड़ा बढ़कर 26 से 27 फीसदी तक पहुंच गया है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

---Advertisement---

Leave a Comment